Friday, February 15, 2013
आपस में क्म्पीटीशन इतना ज्यादा है की पड़ते से भी कम रेट में काम ले लेते हैं और बाद में शुरू हो जाता है कमिशन लेना और देना।
बंडलों में 50 या 100 रूपये के कूपन डालना और और डलवाना मजबूरी बन जाती है .
इस से नुक्सान तो कम मजदूरी देने वाले का होता है।
आज कल सभी लोग सलमान खान को करोरों रुपये देते हैं , 250 रुपए की टिकेट , 100 रूपए के नाचो।
फिर प्लम्बर और इलेक्ट्रीशीयन के साथ ही क्यों 100 या 50 रूपए के लिए बार्गेन करना .
पूरे परिवार की सेफटी प्लम्बर और इलेक्ट्रीशयन पर रहती है और इन का काम अगले कई सालों तक हमारे काम आता है।
यह नहीं की शो खत्म पैसा हजम .
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